सोमवार, 25 मई 2026

संसद मार्ग कीं गलयारे से...

संसद मार्ग कीं गलयारे से
हम भी कभी गुजरे थे..
लाल सलाम जय भीम के नारो 
के साथ...
सभी लाल झेंडे वाले मौजुद थे मार्ग संसद के पास...
पर झेंडेनवाला के पास 
कोई नहीं था...
एक अकेला अंबेडकर 
करीब उसके पास...
बनाया होस्टल 
करीब उसके पास 
लाल सलाम कॉम्रेड
लाल सलाम 
निला झंडा किफायती दाम पर 
मौजुद हें साहेब...
सुना हें कीं चुनाव हें 
साहेब...
चलो आंदोलन में थाम के झंडा लाल वाला...
वोट मांगेगा निला वाला...
चुनकर आयेगा हरे वाला...
और राजनीती करेगा 
भगवे वाला...
झंडे का भी अजब काल हें साहेब...
रंग भले ही हो दुसरा 
पर सत्ता का रंग लाल हें..
और साहेब यहाँ हम हें कीं 
देश को इतिहास के पन्नो से देखते हें....
इतिहास जिसे मिटाने के लिये 
सारे रंग लगे हें एक साथ...

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