शनिवार, 31 दिसंबर 2016

' यहा दुखं तो दिखता है | पर वो भी हरवक्त बिकता है ..!

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वो तुम्हे भी बेंच देंगे तुम्हारे मास को गौ-मास कह के मुसलमानों को जला देंगे.
हिंन्दू को लढाकर जिदंगी उनकी भी बर्बाद कर देंगे. दलित-आदिवासी को शहरों गावो मै कुचलने का प्रबंन्ध कर दिया है. यह सत्ता का रुख है.
मनपा के चुनाव पास है. अब जात से धर्म से लोंगो को गुमराह करेंगे.

" सोंचो तुम्हारे मौत का सामान पोहचा दिया गया हों ", 

बंदूक कि नोंक पर हर चौक पर दागा जायेगा मरने पर तुम्हारे अंग को फिर छेद कर दिया जायेेगा पहनाकर ' वर्दी ' तुम्हे बदनाम कर दिया जाएेगा "

     कि तुम्ह नक्षली हो , आतंकी हों "

मिटाकर तुम्हारे वजूद को सत्ता के पैरों तले कूचल दिया जाएेगा.

डर तो लगता है, हर उस बात का.

पर ये जो चिचोरी राजनिती चली आ रही है.
ना तो यह संविधान से लिखे कानून से चलती. और नाही लोकतंत्र के साहाय्य से दरसल इनका कानून मनू कि स्मृती से लिखे द्वेष भाव से चलता है. तो आइये अपनी मौत का समान इकठ्ठा कर ले ताकी मौत के बाद किसी के खांदो का बोझ ना बन जाएे.

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#SaveAadivasi
#ProtectAtrocity

                                                           रोहीत.

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